एरीज़ नैनीताल जिले में स्थित संस्थान भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में किस प्रकार सहायक है

एरीज, नैनीताल में भारत का महत्वपूर्ण संस्थान

ARIES 

आर्यभट्ट अनुसंधान संस्थान, जिसे आमतौर पर एरीज के नाम से जाना जाता है, नैनीताल, उत्तराखंड में स्थित एक प्रमुख अनुसंधान संस्थान है। इसकी स्थापना 2004 में हुई थी और यह भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। एरीज का मुख्य उद्देश्य खगोल विज्ञान, वायुमंडलीय विज्ञान और संबंधित क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा देना है। दुनिया के अग्रणी संस्थाओं में ARIES की गिनती होती है। यहा देश के सबसे बेह्तरीन अवलोकन सबंधित उपकरण मौजूद है। एरीज अब शिक्षा के क्षेत्र में भी अग्रसर है। देवस्थल जो उत्तराखंड राज्य के नैनीताल जिले में स्थित है। यहा एशिया का सबसे बड़ा एकल दर्पण टेलीस्कोप है, जिसकी व्यास 3.6 मीटर है। इसे आइस्ट्रोनॉमी (Khagol Vigyaan) के क्षेत्र में उन्नत अनुसंधान के लिए स्थापित किया गया है। यह टेलीस्कोप विभिन्न खगोलिय घटना , जैसे कि ग्रहों,तारे के विकास,और गैलेक्सी की धारणाओं का अध्ययन करने में सहायक है। 


मुख्य उद्देश्य

एरीज का उद्देश्य अत्याधुनिक अनुसंधान को संभव बनाना है, जिसमें शामिल हैं:

- खगोल विज्ञान और वायुमंडलीय विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाला अनुसंधान करना।

- प्रशिक्षण और शिक्षा कार्यक्रमों के माध्यम से कुशल पेशेवरों का उत्पादन करना।

- राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ सहयोग करना ताकि अनुसंधान के परिणामों को बेहतर बनाया जा सके। 


प्रमुख उपकरण और सुविधाएँ

संस्थान में कई आधुनिक उपकरण हैं, जिनमें शामिल हैं:

खगोल टेलीस्कोप: एरीज में भारत के सबसे बड़े ऑप्टिकल टेलीस्कोपों में से एक है, जो खगोलीय पिंडों का विस्तृत अध्ययन करने में सक्षम है।

पर्यवेक्षण सुविधाएँ: यह स्थल अपनी ऊँचाई और स्वच्छ आकाश के कारण खगोल संबंधी अवलोकनों के लिए आदर्श परिस्थितियाँ प्रदान करता है।


योजनाएँ और पहल

एरीज विभिन्न योजनाओं को लागू करता है जो अनुसंधान और शिक्षा को बढ़ावा देती हैं:

1) अनुसंधान अनुदान: एरीज उन शोधकर्ताओं को वित्तीय सहायता प्रदान करता है जो इसकी उद्देश्यों के अनुकूल परियोजनाओं पर कार्य कर रहे हैं। एरीज ने खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी, वायुमंडलीय विज्ञान, इंजीनियरिंग अनुसंधान में पीएचडी के साथ साथ एकीकृत एम टेक पीएचडी कार्यक्रमों को चला रहा है। 

2) फैलोशिप कार्यक्रम: संस्थान पीएचडी और पोस्ट-डॉक्टरेट फैलोशिप प्रदान करता है, जो प्रतिभाशाली व्यक्तियों को महत्वपूर्ण अनुसंधान प्रयासों में संलग्न होने के लिए प्रेरित करता है।

3) सार्वजनिक आउटरीच कार्यक्रम: एरीज कार्यशालाएँ, व्याख्यान और प्रदर्शनियों का आयोजन करता है, ताकि छात्रों और आम जनता के बीच खगोल विज्ञान और संबंधित विज्ञानों के बारे में जागरूकता फैल सके।


सहयोग और प्रभाव

एरीज अन्य प्रतिष्ठित अनुसंधान संगठनों और विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग करता है, जिससे इसकी अनुसंधान क्षमता बढ़ती है और यह व्यापक वैज्ञानिक समुदाय में योगदान करता है। संस्थान का कार्य अंतरिक्ष अनुसंधान, वायुमंडलीय अध्ययन और पर्यावरण विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों पर प्रभाव डाल सकता है, जो अंततः भारत में वैज्ञानिक उन्नति में योगदान करेगा। 

नैनीताल में एरीज, अनुसंधान उत्कृष्टता और नवाचार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के माध्यम से खगोल विज्ञान और वायुमंडलीय विज्ञान के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। इसकी विभिन्न योजनाएँ और पहलों न केवल अनुसंधान का समर्थन करती हैं, बल्कि अगली पीढ़ी के वैज्ञानिकों को भी प्रेरित करती हैं, जिससे यह भारत में वैज्ञानिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थान बनता है।

घूमने का सही समय 

यहा सर्दियों के महीनों (अक्टूबर से फरवरी) के दौरान आसमान अधिक साफ होता है, और तापमान ठंडा होने के कारण आर्द्रता कम रहती है।इसके अलावा, नए चाँद (New Moon) के आस-पास का समय सबसे उपयुक्त होता है, क्योंकि उस समय चाँद की रोशनी कम होती है और सितारे बेहतर दिखाई देते हैं। आप रात के समय शहर से दूर और अंधेरे वाले इलाके में जाकर तारे देखने के अनुभव को और भी बेहतर बना सकते हैं।

If you want to know more check this video of educational programmes of ARIES. 




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